बस्तर के हर पात्र गांव तक पहुंचेगी सड़क, लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

ग्रामीण सड़क निर्माण की सचिव भीम सिंह ने की समीक्षा, मार्च 2027 तक पीएम-जनमन के तहत 828 किमी सड़क बनाने का लक्ष्य

रायपुर, 30 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार अब शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (CGRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भीम सिंह ने बस्तर संभाग के सभी क्षेत्रों का शत-प्रतिशत सर्वे कराते हुए प्रत्येक पात्र गांव और बसाहट तक सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर स्थित विकास भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (MMGSY) के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समय-सीमा और संधारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण में लापरवाही, अनावश्यक देरी और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मार्च 2027 तक 828 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य

बैठक में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत संचालित सड़क निर्माण कार्यों की विशेष समीक्षा की गई। सचिव भीम सिंह ने अधिकारियों को मार्च 2027 तक 828 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा, ताकि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो सके।

बस्तर में शत-प्रतिशत सर्वे, कोई पात्र बसाहट न छूटे

सचिव ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो रहे क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। इसका लाभ स्थानीय ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों और बसाहटों में अभी तक सड़क संपर्क नहीं है, उनका व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए।

विशेष रूप से नक्सलवाद प्रभावित रहे क्षेत्रों में विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। शासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र गांव केवल दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क सुविधा से वंचित न रहे।

कवर्धा और बलरामपुर में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

समीक्षा बैठक में सड़क निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही के मामलों पर सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। कवर्धा जिले में सड़क निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर तत्कालीन कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, बलरामपुर जिले के राजपुर में सड़क निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में लापरवाही के मामले में संबंधित उप अभियंता को निलंबित करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए गए।

सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

पीएमजीएसवाई-1 के शेष कार्य छह महीने में पूरे करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के बेहतर प्रदर्शन की सराहना करते हुए भीम सिंह ने शेष निर्माण कार्यों को अगले छह माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारी वाहनों पर सीसीटीवी से निगरानी, उल्लंघन पर चालान

ग्रामीण सड़कों को भारी वाहनों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी नई व्यवस्था पर जोर दिया गया। सचिव ने निर्देश दिए कि सड़कों पर निर्धारित भार क्षमता और भारी वाहनों के प्रतिबंधों की जानकारी देने वाले बड़े पोस्टर एवं बैनर लगाए जाएं।

आगामी समय में इन मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी, जिससे ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहे।

निर्माण सामग्री और प्लास्टिक उपयोग पर भी जोर

सड़क निर्माण में बिटुमिन की संभावित कमी को देखते हुए ठेकेदारों को आवश्यक सामग्री की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यूटिलिटी शिफ्टिंग से प्रभावित परियोजनाओं को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द पूरा करने और सड़कों को पीएम गतिशक्ति योजना से जोड़ने पर जोर दिया गया।

सचिव ने सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों के अनुरूप प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। अनुपयोगी प्लास्टिक के संग्रहण और उठाव में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी विकसित हो सकें।

संधारण और लंबित भुगतान का समय पर निराकरण

बैठक में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों के लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों के संधारण को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराने के निर्देश दिए गए। गौरव पथ निर्माण के दौरान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डक्ट बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि पाइपलाइन और अन्य सेवाओं के विस्तार के लिए बाद में सड़कों को बार-बार न खोदना पड़े।

इसके अलावा विभागीय पेंशन प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख अभियंता के.के. कटारे, राज्य गुणवत्ता समन्वयक अमित गुलहरे, मुख्य अभियंता एमएमजीएसवाई वरुण राजपूत, मुख्य अभियंता संधारण नवीन मेहता सहित विभिन्न सर्कल के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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