छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार करने की तैयारी, विजय शर्मा बोले— पूरे नेटवर्क को करेंगे ध्वस्त

तस्करों की संपत्ति होगी कुर्क, मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश; 31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण का लक्ष्य

The Big Shot | रायपुर, 29 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं और पैडलरों तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त किया जाए। उन्होंने नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई तेज करने को भी कहा है।

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, संपत्ति कुर्की और जब्त वाहनों के राजसातीकरण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रकरण दर्ज करना नहीं, बल्कि नशे के कारोबार के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करना होना चाहिए।

बड़े तस्करों और वित्तीय सहयोगियों पर होगी कार्रवाई

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पूरी सप्लाई चेन की जांच की जाए। इसके तहत मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, सप्लायर, स्थानीय विक्रेता और पूरे कारोबार को नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान की जाएगी।

उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध धन और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने को कहा। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित वित्तीय और विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि कारोबार से अर्जित धन और संपत्तियों का पता लगाया जा सके।

मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच, नशीली दवाओं की बिक्री पर नजर

बैठक में सूखे नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने को कहा।

स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं, नशीले कैप्सूल, सिरिंज और नीडल की अवैध बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नशे के कारोबार या सेवन की शिकायत वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी में तेजी

नशे के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी तीन माह में अधिक से अधिक पात्र मामलों में नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाए। लंबित मामलों को संबंधित विशेष न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण

बैठक में जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2026 तक 30 जून 2026 या उससे पहले जब्त किए गए छह माह से अधिक पुराने मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया जाए, बशर्ते संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।

उन्होंने इसके लिए लंबित न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने तथा जब्त वाहनों से जुड़े पुराने मामलों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा।

एनडीपीएस मामलों में मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। न्यायालय में पेश किए जाने वाले मामलों में साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।

उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास करने को भी कहा।

नशे की सूचना देने के लिए 1933 हेल्पलाइन का प्रचार

नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से आम नागरिक मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को नशा विरोधी जागरूकता अभियान से जोड़ने तथा सोशल मीडिया के जरिए नशे के दुष्प्रभावों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

विजय शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और समाज के बीच समन्वय बढ़ाकर इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता बताई। अधिकारियों को उपलब्ध विशेष दलों का प्रभावी उपयोग करते हुए नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

The Big Shot की नजर: सरकार के निर्देशों के बाद अब कार्रवाई की प्रभावशीलता इस बात से आंकी जाएगी कि बड़े तस्करों, उनके वित्तीय नेटवर्क और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों तक जांच एजेंसियां कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं।

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